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श्रीलंका सामुदायिक हिंसा: पूरे देश में लगा कर्फ्यू, सोशल मीडिया पर प्रतिबंध


श्रीलंका में ईस्टर संडे के आत्मघाती हमले के फलस्वरूप भड़की नवीनतम सांप्रदायिक हिंसा के लगातार फैलते रहने पर प्रशासन ने सोमवार को पूरे देश में छह घंटे की कर्फ्यू लगा दिया। आत्मघाती हमले में करीब 260 लोग मारे गये थे। एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ”आज (13 मई) रात नौ बजे से कल (14 मई) तड़के चार बजे तक के लिए कर्फ्यू लगाया गया है।”

इस बीच सेना प्रमुख महेश सेनानायक ने कहा है कि सैनिकों को कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है तो सेना उसे देखते ही गोली मार देगी।

इससे पहले दिन में प्रशासन ने सामुदायिक हिंसा के बाद उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के चार शहरों — कुलियापिटिया, हेटिपोला, बिंगिरिया और डूमलसूरिया में कर्फ्यू हटाने के कुछ घंटों बाद फिर कल (14 मई) तड़के चार बजे तक के लिए लगा दिया। बाद में हिंसा फैलने पर पूरे उत्तर और पश्चिम प्रांत में कर्फ्यू लगा दिय गया।

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने भी खासकर करुनेगला जिले में अशांति फैलने के बाद लोगों से शांति की अपील की। श्रीलंका सरकार ने देश में अल्पसंख्यक मुसलमानों और बहुसंख्यक सिंहली समुदायों के बीच हिंसा की घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर भी फिर प्रतिबंध लगा दिया।

फेसबुक और व्हाट्सऐप पर प्रतिबंध से एक दिन पहले श्रीलंकाई पुलिस ने रविवार को देश के पश्चिम तटीय शहर चिलॉ में भीड़ द्वारा एक मस्जिद और मुस्लिमों की कुछ दुकानों पर हमला किए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया था। एक मुस्लिम दुकानदार के फेसबुक पोस्ट से भीड़ ने हमला किया था।

उल्लेखनीय है कि देश में 21 अप्रैल को तीन गिरजाघरों और तीन लक्जरी होटलों में हुए आत्मघाती हमलों में 253 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इन हमलों के बाद से देश में हिंसा की घटनाएं बढी हैं।